उत्तर प्रदेश

लखनऊ: सुप्रीम कोर्ट का आदेश का अनुपालन करेंगें कर्मचारी शिक्षक संगठन, मुख्य सचिव स्तर की वार्ता में रखी दस मांगें, अध्यक्ष हरिकिशोर तिवारी भी थे शामिल

लखनऊ, 1 मई। कोरोना के बढ़ते संक्रमण और अधिकाधिक संख्या मंें कर्मचारी, शिक्षक, अभियंताओं और अधिकारियों की मौत के बाद विभिन्न शिक्षक और कर्मचारी संगठनों की मांग पर मतगणना बहिष्कार की घोषणा करने वाले संगठनों ने आज सुप्रीम कोर्ट के आदेश का अनुपालन करते हुए मतगणना करने का निर्णय लिया है।

उन्होंने मतगणना डियुटी में लगाए गए कार्मिकों,शिक्षका की सुरक्षा के सम्बंध में मुख्य सचिव स्तर की वार्ता में दस मांगें रखी है जिसका अनुपालन शासन द्वारा कराये जाने का आश्वासन मिलने के बाद कर्मचारी और शिक्षक संगठनो ने मतगणना में शामिल होने का निर्णय लिया है।
कर्मचारियों की समस्याओं के संबंध में मुख्य स्तर की कमेटी के साथ वार्ता में कर्मचारी शिक्षक मोर्चा के अध्यक्ष एवं प्रदेश अध्यक्ष उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ डा. दिनेश चन्द्र शर्मा, प्रधान महासचिव सुशील कुमार त्रिपाठी, अध्यक्ष हरिकिशोर तिवारी, रामराज दुबे, सतीश कुमार पाण्डेय और कमलेश मिश्रा शामिल थे। शासन के आला अफसरों के समक्ष मतगणना के दौरान कर्मिकों को किट उपलब्ध कराने, प्रत्येक जनपद में 10 बैड आईसीयू और वेन्टीलेटर ओर आक्सीजन की उपलब्धता के साथ इसकी व्यवस्था के लिए अधिकारी की नियुक्ति, सभी कार्मिकों का टीकाकरण, डियुटी में लगे कार्मिकों चाहे वह नियमित हो या संविदा, स्थाईमानदेय को कारोना डियुटी के दौरान मृत्यु होने पर पचास लाख मुआवजा, मृतक आश्रितों को तीन के अन्दर नौकरी,कोरोना पीडितों के सभी खर्च सरकार वहन करेगी। पीने के पानी की सील्ड बोतल और वाहन की व्यवस्था, पीड़ित कार्मिकों को मोबाईल की अनुमति दी जाए। विशेष रूप से यह तय किया गया कि जिन कार्मिकों को खांसी बुखार होगा मानते हुए उन्हें ड्यूटी में नहीं लगाया जाएगा कार्मिकों की अधिकतम डियुटी आठ घन्टे तथा मतगणना जारी रहने मतगणना स्थल के आसपास कफ्र्यू जारी रहे।

Related Articles

Select Language »