दिल्ली

किसान आंदोलन : ऑक्सीजन संकट के मद्देनजर किसानों की यह अपील, दिल्ली पुलिस को लिखा पत्र

संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने दिल्ली पुलिस से राष्ट्रीय राजधानी में कोविड-19 से निपटने की खातिर आपात सेवाओं की आपूर्ति के लिए सिंघु बॉर्डर पर राजमार्ग का एक तरफ का मार्ग खोलने की अपील की है। किसान नए कृषि कानूनों के विरोध में सिंघु बॉर्डर समेत दिल्ली की सीमाओं पर कई महीनों से प्रदर्शन कर रहे हैं। 

एसकेएम ने एक बयान में कहा कि किसानों ने दिल्ली की सिंघू सीमा पर राजमार्ग के एक ओर का रास्ता कोविड-19 संकट के मद्देनजर ऑक्सीजन टैंकरों एवं एम्बुलेंस का निर्बाध आवागमन सुनिश्चित करने के लिए खाली कर दिया गया है।

पुलिस उपायुक्त, बाहरी उत्तरी दिल्ली को लिखे पत्र में उसने अनुरोध किया कि सिंघु बॉर्डर पर राजमार्ग के एक ओर से अवरोधक हटाए जाएं, ताकि दिल्ली तक आवश्यक वस्तुओं की सुचारू आपूर्ति हो सके।

देश में कोरोना संकट के बीच चल रहे ऑक्सीजन संकट के मद्देनजर किसानों ने यह अपील की है और कुछ दिन पहले रोहतक में हुई बैठक में रास्ता खोलने की तयपाई भी हुई थी। दरअसल किसानों पर आरोप था कि उनके आंदोलन या दखल की वजह से ऑक्सीजन की सप्लाई में बाधा आ रही है। इसका किसान नेताओं की ओर से खंडन किया गया और कहा गया कि यह सब किसानों और आंदोलन को बदनाम करने के लिए किया और कहा जा रहा है। 

किसान नेताओं ने कहा कि ऑक्सीजन के ट्रक उनके कारण नहीं रुके हैं। बैठक में फैसला लिया गया कि जीटी रोड को एक तरफ से इमरजेंसी सेवाओं के लिए खोल दिया जाएगा। इसके साथ ही सिंघु बॉर्डर से दिल्ली पुलिस भी बैरिकेड हटाएगी, जिससे इमरजेंसी वाहनों को निकलने में परेशानी न हो।
 
कोरोना जांच से किसानों का इनकार, वैक्सीनेशन को तैयार
इस बीच किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने फिर कहा कि सरकार कोरोना के नाम पर आंदोलन को खत्म करने का षड्यंत्र रच रही है। इसलिए साफ कर दिया गया है कि किसान कोरोना जांच नहीं कराएंगे। अगर कोई बीमार होता है तो वह खुद अपनी मर्जी से किसी भी जगह जाकर जांच करा सकता है। इसके साथ ही वैक्सीन के लिए सरकार कैंप लगवाए और उसमें भी किसान अपनी मर्जी से वैक्सीन लगवाने जाते हैं तो उनको लगाई जाए। अगर जांच करने व वैक्सीन लगाने के लिए जबरदस्ती की गई तो उसका अंजाम भुगतना होगा।

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