कारोबार

सोयाबीन तेल के साथ-साथ बाकी तेल-तिलहनों के भाव भी दबाव में आ गये

पॉल्ट्री कंपनियों की मांग को ध्यान में रखकर 31 मार्च तक तेल रहित खल (डीओसी) के आयात को खोलने से देश के तेल-तिलहन बाजारों में सोमवार को  सोयाबीन दाना सहित अन्य कई खाद्य तेल- तिलहनों के भाव नरमी का रुख दर्शाते बंद हुए। सूत्रों ने बताया कि सरसों तेल-तिलहन कीमतों में भी गिरावट रही। सामान्य कारोबार के बीच कुछ तेल-तिलहन के भाव पूर्वस्तर पर बने रहे। जबकि, इंदौर के खाद्य तेल बाजार में सोमवार को मूंगफली तेल 10 रुपये और सोयाबीन रिफाइंड के भाव में पांच रुपये प्रति 10 किलोग्राम की कमी शनिवार की तुलना में हुई। कपास्या खली 50 रुपये प्रति 60 किलोग्राम सस्ती बिकी।

बाजार सूत्रों ने कहा कि सरकार ने देश में सोयाबीन के तेल रहित खल की कमी को पूरा करने के लिए 31 मार्च तक इसके आयात को खोल दिया है जिसके कारण सोयाबीन दाना और लूज के भाव टूटे। सोयाबीन तिलहन में गिरावट आने के बीच सोयाबीन तेल के साथ-साथ बाकी तेल-तिलहनों के भाव भी दबाव में आ गये जिससे इनकी कीमतों में गिरावट आई।

उन्होंने बताया कि मलेशिया एक्सचेंज में 0.2 प्रतिशत की तेजी थी जबकि शिकॉगो एक्सचेंज में आधा प्रतिशत की तेजी थी, लेकिन ठंड के मौसम में हल्के तेलों की मांग होने के बीच सीपीओ जैसे जाड़े में जमने वाले तेल की मांग प्रभावित होने से सीपीओ के भाव में नरमी रही। दूसरी ओर पामोलीन की व्यावसायिक मांग के कारण इसके भाव पूर्वस्तर पर बंद हुए। मंडियों में आवक के बढ़ने से मूंगफली तेल-तिलहन के भाव भी गिरावट के साथ बंद हुए, जबकि मूंगफली के सस्ता होने के कारण बिनौला की मांग प्रभावित होने से बिनौला तेल कीमत में भी गिरावट आई।

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